Aaj-itna-shor-nahi-ho-raha-hota

आज इतना शोर नही हो रहा होता

एक आदमी ट्रेन में अपने 7 बच्चों के साथ जा रहा था!

और वह बच्चे ट्रेन में बहुत जोर से शोर कर रहे थे!

इतने में अगले स्टेशन पर एक बुज़ुर्ग आदमी अपनी लाठी को ठक-ठक करते हुए चढ़े ट्रेन में चढ़ गया

फिर 7 बच्चों का बाप बोला :- सेठ जी, यदि आप अपनी लाठी के आगे की तरफ रबड़ चढ़ा ले, तो ये

शायद आप की लाठी शोर नहीं करेगी!

बुज़ुर्ग आदमी गुस्से में :- अगर तू भी यही काम कुछ सालों पहले कर लेता तो शायद आज इतना शोर

नही हो रहा होता!!